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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Winterline Carnival: विंटरलाइन कार्निवाल में लोक संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हुए सैलानी

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sat, 28 Dec 2019 07:14 AM (IST)

विंटरलाइन कॉर्निवाल-2019 में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने अपनी संस्कृति की छटा बिखेरी। जिसे देख और सुनकर पर्यटक झूमने को मजबूर हो गए।

Winterline Carnival: विंटरलाइन कार्निवाल में लोक संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हुए सैलानी
Winterline Carnival: विंटरलाइन कार्निवाल में लोक संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हुए सैलानी

मसूरी, जेएनएन। विंटरलाइन कॉर्निवाल-2019 के दूसरे दिन शहर के विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। जिसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने अपनी संस्कृति की छटा बिखेरी। जिसे देख और सुनकर पर्यटक झूमने को मजबूर हो गए।

शहीद स्थल पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिसमें नवज्योति क्लब के जय किशन खंडूरी व बिंदिया शाह के लोकगीतों पर लोक कलाकारों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। संदीप राणा व अनिल गोदियाल की टीम द्वारा कुमाऊं का सर्वप्रिय छोलिया नृत्य पेश किया गया। ऋषिकेश के हरि पंवार और उनकी टीम द्वारा श्रीकृष्ण रासलीला के सजीव प्रस्तुतिकरण देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध से हो गए। दिल्ली से आईं अंशुल थपलियाल ने शास्त्रीय संगीत प्रस्तुतिकरण दिया।

गढ़वाल टैरेस पर पाश्चात्य संगीत की धूम रही। जिसमें रॉक रोला, झंकार बीट्स में गिटार की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। गांधी चौक मंच पर माइक्रो फैशन व रैप चिक्स का प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसके अलावा कॉर्निवाल सिनेमा के समीप पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों ने ऊंट की सवारी का आनंद लिया।

गढ़वाल टैरेस सभागार में इतिहासकार गोपाल भारद्वाज द्वारा मसूरी के दो सौ साल के इतिहास पर आधारित विंटेज फोटोग्राफ की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसका जिलाधिकारी सी रविशंकर ने भी जायजा लिया। दो सौ साल पुरानी फोटो देखकर पर्यटक भी रोमांचित हो रहे हैं।

फूड फेस्टिवल में पर्यटकों को भायी भूनि-भात

मसूरी विंटरलाइन कॉर्निवाल-2019 के दूसरे दिन मालरोड पर आयोजित फूड फेस्टिबल में पहाड़ी व्यंजनों की धूम रही। पर्यटकों को पहाड़ी रेसिपी भूनि-भात और काले भट्ट के कटलेट, फिरनी, झंगोरे की खीर, बुरांश जूस आदि खूब भाए। इसके साथ ही कुलथ-उड़द की दाल के पकोड़े, झंगोरे के अरसे, कण्डाली का सूप, लाल चावल आदि को पर्यटकों ने खूब पसंद किया। लगभग पूरी मालरोड पर लाइब्रेरी बाजार से शहीद स्थल झूलाघर तक दर्जनों स्टाल फूड फेस्टिबल में सजाए गए हैं।

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जाने माने शैफ माइकल स्वामी, विधायक गणेश जोशी एवं जिलाधिकारी सी रविशंकर द्वारा फूड फेस्टिबल का विधिवत उद्घाटन किया गया गया और लगभग सभी स्टालों द्वारा तैयार उत्तराखंडी रैसिपी का उन्होंने स्वाद चखा। इस दौरान एडीएम प्रशासन रामजी शरण शर्मा, एसडीएम वरुण चौधरी, गोपालराम बिनवाल, भाजपा मंडलाध्यक्ष मोहन पेटवाल, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप साहनी भी उपस्थित थे। दोपहर बाद फूड फेस्टिबल में पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। फूड फेस्टिबल में होटल जेडब्लू मैरिएट, उत्तरकाशी के गढ़भोज जाड़ी संस्थान, होटल सेवाय, जीएमवीएन, हापुड़ वालों की दुकान आदि ने अपने स्टाल लगाए हैं। 

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